मोदी सरकार की इस योजना से हर महीने कमाए 30 हजार

यदि आप भी है बेरोजगार और कर रहे है किसी रोजगार की तलाश तो आप बिल्कुल सही खबर पढ़ रहे है. जी हाँ! यदि आप भी चाहते है कि, आपका खुद का कोई बिजनेस हो तो आप आज ही मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केंद्र से जुड़े जिस से आप आसानी से हर महीने तीस हजार कमा सकते है.

20 हजार से ज्यादा जनऔषधि केंद्र खुले 

दरअसल मोदी सरकार भारतीय जनऔषधि योजना के तहत देशभर में लोगों को सस्ती दवाएं मुहैया कराना चाहती है. इस कारण इस योजना का प्रसार किया जा रहा है. पिछले दिनों देश में 20 हजार से ज्यादा जनऔषधि केंद्र खोले गए है. आप यदि मेडिकल स्टोर खोलना चाहते है तो आपको किसी तरह का निवेश करने की जरूरत नहीं है. बस आपको सरकार की तरफ से कुछ अर्हताएं निर्धारित की गई है उन अर्हताओं को पूरा करना होगा .

जनऔषधि केंद्र खोलने के लिए कितनी जगह चाहिए

यदि आप भी जनऔषधि केंद्र खोलना चाहते है तो आपके पास कम से कम  120 वर्गफुट कवर्ड एरिया होना अनिवार्य है. यदि सरकार आपको जनऔषधि केंद्र  खोलने की अनुमति दे दती है तो आपको सरकार की ओर से 650 से ज्यादा दवाओं के साथ ही 100 से ज्यादा उपकरण बिक्री मुहिया कराये जायेगे.

2.5 लाख की सहायता

जनऔषधि केंद्र  खोलने के लिए सरकार आपको 2.5 लाख की सहायता  करेगी. मतलब इस केंद्र को खोलने के लिए आपको किसी भी तरह का निवेश नही करना है.  बता दें कि सरकार मेडिकल स्टोर खोलने में लगने वाला सामन जैसे कि इंफ्रास्ट्रक्चर यानी रैक, डेस्क आदि के लिए आपको एक लाख तक की मदद करेगी. यह रकम सरकार आपको छह महीने में वापस कर देगी. वही कंप्यूटर आदि पर खर्च होने वाले 50 हजार रुपए भी आपको सरकार की तरफ से दिए जाएंगे.

कैसा मिलेगा सरकार से इंसेटिव

आपके मेडिकल स्टोर से जितने की भी बिक्री होगी उसका 10 फीसदी का इंसेटिव दिया जाएगा, लेकिन याद रहे यह इंसेटिव हर महीना मिलेगा जो कि अधिकतम 10 हजार रुपए तक होगा. यानी यदि आप एक महीने में एक लाख रुपए से ज्यादा की दवाएं सेल करते है तब भी 10 हजार रुपए का ही इंसेटिव मिलेगा. यह इंसेटिव आपको तबतक मिलेगा, जबतक 2.5 लाख रुपए की लिमिट पूरी नहीं हो जाती है.

कैसे होगी जनऔषधि केंद्र से इनकम

आप जनऔषधि केंद्र का अप्रूवल मिलने के बाद हर महीने जितने पैसों की दवाएं सेल करेंगे. उस रकम का 20 फीसदी आपको कमीशन के रूप में मिलेगा. इस तरह यदि आपने हर महीने एक लाख रुपए की दवाओं की बिक्री की तो 20 हजार रुपए कमीशन और इंसेटिव मिलाकर आपको कुल 30 हजार रुपए की इनकम हुई. यदि आप दवाओं की बिक्री ज्यादा करते हैं तो आपकी कमाई बढ़ जाएगी.

अधिक जानकारी के लिए आप http://janaushadhi.gov.in/पर विजिट कर सकते है. 

भोपाल के मोहम्मद सबिह बुख़ारी ने क़तर में गाड़े अपनी सफलता के झंडे

कहते है जब कर गुजरने का जज्बा हो तो फिर किसी भी मंजिल को पाना मुश्किल नहीं, बेशक मंजिल जितनी भी दूर क्यों न हो और इस बात की मिसाइल है हमारे देश के भोपाल शहर से ताल्लुक़ रखने वाले मोहम्मद सबिह बुख़ारी. लगभग तीन दशक पहले भारत से क़तर गए सबिह बुख़ारी ने शुरुआत में कतर में एक मामूली सी कंपनी में सेल्समैन की नौकरी शुरू की थी. आज वह देश की चंद बड़ी कंपनियों में शुमार होती है, वह कंपनी कई तरह का व्यवसाय कर रही है और सबिह बुख़ारी उसके मैनेजिंग पार्टनर है.

साल 2014 में मशहूर फोर्ब्स मैगज़ीन ने उन्हें मध्य पूर्व के 100 प्रभावी कारोबारियों की लिस्ट में शामिल किया था. बीबीसी से बात करते हुए सबिह बुख़ारी ने बताया कि उनकी इस कामयबी के पीछे अच्छी क़िस्मत का हाथ है. आगे उन्होंने बताया कि, “मैं क़तर या खाड़ी देशों में नहीं आना चाहता था. मैं भारत में ही अपना भविष्य देखता था. मगर कहते है क़िस्मत के आगे किसी की नहीं चलती तो मेरी भी नहीं चली.”

सबिह बुख़ारी बताते है कि, मैं यही सोचकर आया था कि, काम पसंद नही आया तो जल्दी ही वापिस लौट जाउगा. मैं अरबी भाषा से भी परिचित नहीं था. सेल्समैन के जिस काम के लिए मुझे लाया जा रहा था वो मुझे आता नहीं था. मगर ज़िम्मेदारी ने उन्हें वह सब कुछ सिखा दिया. जब रुकने का फ़ैसला कर लिया तो कारोबार को बढ़ाने का मंसूबा बनाया. उनका कहना है कि महज़ तीन साल के अरसे में वाटर प्रूफ़िंग के कारोबार में उनकी कंपनी देश की दूसरी बड़ी कंपनियों को पीछे छोड़ चुकी थी.

बुख़ारी कहते हैं कि वह दुनिया के कई देशों में घूम चुके हैं. हालांकि, वह क़तर को सपनों की सरज़मीं समझते हैं.उनका कहना था कि ज़िंदगी में मुश्किल हर क़दम पर आपके सामने आती है पर इंसान के पास यह ताक़त मौजूद है कि वह उसका मुक़ाबला कैसे करे. उनका मानना है कि उनकी तरक़्क़ी में मेहनत उनकी थी लेकिन फ़िर भी इसमें ‘अच्छे नसीब’ का हाथ है.

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